Tuesday, March 20, 2012

साहि‍त्य और शायरी से परे होकर भी प्रासंगि‍क हैं ये छंद

बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला..एक ऐसा वाक्य , जो शायद हमारी-आपकी जिंदगी का एक अहम हि‍स्सा बन चुका है। ट्रकों, बसों और टैंपो के पीछे लि‍खा ये वाक्य  हर रोज हमारी आंखों के आगे से गुजरता है। हालांकि लि‍ख देने मात्र से बुरी नजर वाले का न तो मुंह काला होता है ना ही गोरा और ये भी जरुरी तो नहीं कि‍ देखने वाला पीछे से ही देखकर नजर लगाए..वो आगे से भी तो नजर लगा सकता है। फि‍र भी ये एक शौक है जो शायद परंपरा बन चुका है। इस तरह की कहावतें बुरी नजर से कि‍तना बचाती हैं ये तो बता पाना मुश्किल है लेकि‍न कई बार इनके मायने बड़े गूढ़ नजर आते हैं जो एक सामाजि‍क संदेश सा देते हुए लगते हैं। जैसे, सावधानी हटी दुर्घटना घटी.. हम दो हमारे दो.. धीरे चलो साथी, घर पर कोई राह देखता होगा.. छोटा परि‍वार सुखी संसार.. ये कुछ ऐसी कहावतें है जो राह चलते अक्सर नजर आ जाती हैं। जि‍नमें समाजि‍क हि‍त की भावना तो होती है ही साथ ही वाहन चालक के लि‍ए भी एक चेतावनी होती है। बुरी नजर वाले नसबंदी करा ले..हालांकि‍ कुछ लोग इसे असभ्यआता का प्रदर्शन बोल सकते हैं लेकि‍न गौर करने वाली बात है कि‍  वाक्यो का संदेश, बेहद सहज और समाज के हि‍त में है। वैसे भी भारत में ट्रक ड्राइवरों में एचआइवी पॉजीटि‍व होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है..ऐसे में नसबंदी करा ले..एक सुझाव है जो समाज के साथ-साथ उन्हें खुद को भी संदेश देता है। भारत में तो बकायदा नसबंदी का एक कायर्क्रम चला था ऐसे में ट्रकों के पीछे लि‍ए इन स्‍लोगन्स से कहीं न कहीं उस कार्यक्रम को व्यापकता मि‍ली है। इसी तरह की एक और  पंक्ति है..शेर का बच्चा एक ही अच्छा। परि‍वार नि‍योजन अपनाने का संदेश देने का इससे बेहतर उदाहरण शायद ही आपने देखा हो। 
एक ओर जहां इन पंक्तिा‍यों में कहीं न कहीं समाजि‍क हि‍त का संदेश होता है वहीं कुछ बेहद मनोरंजक भी..जैसे, बुरी नजर वाले तेरे बच्चे  जि‍एं, तेरा खून पि‍एं...नि‍कली हूं सजधजकर जि‍‍क्र मत करना, लाउंगी कमाकर फि‍क्र मत करना.. रानी बनाकर रखो मुझे, तुम्हे  राजा बना दूंगी..तुम कब आओगे...तेरे संग ही जीना है,तेरे संग ही मरना है...। ये कुछ बेहद मजेदार पंक्तिा‍यां हैं, जि‍न्हेंक एकबारगी पढ़कर आप हंसे बि‍ना नहीं रह सकते...। शायद इन राहचलती शायरि‍यों की कोई श्रेणी न हो लेकि‍न सोचा जाए तो एक बेहतरीन संकलन तैयार हो सकता है..जो साहि‍त्ये और शायरी से परे होते हुए भी प्रासंगि‍क है..।

10 comments:

रविकर said...

बहुत खूब ।।

रविकर said...

रची उत्कृष्ट |
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चंदन कुमार मिश्र said...

बढिया सोच! संकलन का जिम्मा आप लें तो कुछ गलत या बुरा नहीं क्योंकि इस पक्ष तक आष सोच कर पहुँची हैं!

रविकर said...

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mridula pradhan said...

bahut achchi lagi .......

Shanti Garg said...

बहुत ही बेहतरीन रचना....
मेरे ब्लॉग

विचार बोध
पर आपका हार्दिक स्वागत है।

Kailash Sharma said...

बिलकुल सच...कई बार तो इतने सुंदर सन्देश पढने को मिल जाते हैं कि जिन्हें भूलना मुश्किल होता है..

विवेक राय said...

bahut hi badhiya .soch ki tareef karni hogi padhte to sab hai par kalambadh karne ke liye dhanyawaad ..

to is samay blog par samay diya jaa raha hai ye bahut hi badhiya hai lekhni khamosh nahi honi chahiyen..

Anonymous said...

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indianrj said...

एक ऐसा ही स्लोगन मैंने पढ़ा था "I am risky after whiskey. keep distance"

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